बेटियाँ बनेंगी आत्मनिर्भर और डिजिटल स्मार्ट: राजस्थान पुलिस ने छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के गुर

 


जयपुर, 25 दिसंबर।

प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में राजस्थान पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में IIS (मानित विश्वविद्यालय) के इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ गर्ल्स में आयोजित एनएसएस शिविर के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा एवं साइबर सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और डिजिटल रूप से जागरूक बनाना रहा।

डरना नहीं, डटकर मुकाबला करना सीखें

कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) सुनीता मीना ने छात्राओं को व्यावहारिक आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय अपनी शारीरिक क्षमता, सूझबूझ और आसपास उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग कर स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को रोजमर्रा की परिस्थितियों में उपयोगी आत्मरक्षा के सरल लेकिन प्रभावी तरीके सिखाए गए, जिससे उनमें आत्मविश्वास और साहस का संचार हुआ।

साइबर अपराधों से बचाव पर विशेष जोर

तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराधों को गंभीर चुनौती बताते हुए सत्र में साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, साइबर बुलिंग और डिजिटल धोखाधड़ी जैसे खतरों के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही किसी भी आपात या अप्रिय स्थिति में राजस्थान पुलिस की हेल्पलाइन सेवाओं और राजकोप सिटीजन ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया।

सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश

इस अवसर पर एएसपी सुनीता मीना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

जिज्ञासाओं का समाधान, छात्राओं में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने अपनी सुरक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। इस संवाद से छात्राओं में सुरक्षा को लेकर जागरूकता और विश्वास दोनों में वृद्धि देखने को मिली।

कॉलेज प्रशासन एवं एनएसएस इकाई ने राजस्थान पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के सर्वांगीण विकास, सुरक्षित भविष्य और आत्मनिर्भर समाज की दिशा में एक सराहनीय और प्रभावी कदम बताया।

यह कार्यक्रम न केवल छात्राओं को सुरक्षा के प्रति सजग बनाने में सफल रहा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी प्रेरित करता नजर आया

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