नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025।
राज्यसभा के सत्र में आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर फैल रही अशोभनीय, अनैतिक और पारिवारिक मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाली सामग्री का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से कड़े और स्पष्ट कानून लाने की मांग की।
राठौड़ ने कहा कि इंटरनेट पर रीलों और शॉर्ट वीडियो के नाम पर मनोरंजन के बहाने ऐसी सामग्री तेज़ी से बढ़ रही है, जो भारतीय समाज की पारिवारिक संरचना और सांस्कृतिक मूल्यों को गंभीर नुकसान पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति अब सिर्फ “ट्रेंड” नहीं, बल्कि सामाजिक विष बन चुकी है।
संवेदनशील रिश्तों के गलत चित्रण पर नाराज़गी
सांसद ने सभापति के माध्यम से यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर भाई-बहन, देवर-भाभी, ससुर-बहू, पिता-बेटी जैसे संवेदनशील रिश्तों का अशोभनीय और विकृत प्रस्तुतीकरण किया जा रहा है। यह प्रवृत्ति युवाओं और किशोरों के मन में रिश्तों के प्रति भ्रमित और गलत धारणाएँ पैदा कर रही है।
नाबालिगों पर डिजिटल कंटेंट का खतरनाक प्रभाव
राठौड़ ने चेताया कि 10–15 वर्ष के नाबालिग बच्चे बिना किसी फ़िल्टर के ऐसे वीडियो देख रहे हैं, जिनका उनके मानसिक विकास, सामाजिक समझ और नैतिक मूल्यों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
टेक कंपनियों की जवाबदेही तय करने की मांग
सांसद ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियाँ अरबों का कारोबार तो करती हैं, लेकिन अभद्र कंटेंट रोकने के नियम और तंत्र बेहद कमजोर हैं। उन्होंने मांग की कि—
- प्लेटफॉर्मों पर अशोभनीय सामग्री अपलोड होते ही तत्काल कार्रवाई हो,
- एक केंद्रीकृत निगरानी तंत्र बनाया जाए,
- और सोशल मीडिया पर अनुशासन लाने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान अनिवार्य किए जाएँ।
“मनोरंजन के नाम पर फैल रही विकृति को अब रोकना ही होगा” — राठौड़
अपने वक्तव्य के अंत में राठौड़ ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका उपयोग समाज में विष फैलाने या सांस्कृतिक मूल्यों को खत्म करने के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से डिजिटल आचारसंहिता बनाने और कड़े कानून लागू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाज की नींव पारिवारिक रिश्तों के सम्मान पर टिकी होती है, और उसे कमजोर करने वाली हर प्रवृत्ति को रोकना राष्ट्रहित में आवश्यक है।
अगर चाहें तो मैं
✔ सोशल मीडिया पोस्ट वर्ज़न
✔ टीवी न्यूज़ स्क्रिप्ट
✔ छोटा डिजिटल न्यूज़ वर्ज़न
✔ या हिंदी/English दोनों में बुलेटेड न्यूज़
भी बना दूँ!
