अरावली बचाने के लिए जेन-जी का मशाल जुलूस, कार्तिकेय भारद्वाज के नेतृत्व में जयपुर में उमड़ा युवा सैलाब

 


जयपुर। अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए प्रदेश सहित पूरे देश में चल रहे जनआंदोलन के तहत जयपुर में युवाओं ने जोरदार आवाज बुलंद की। युवा छात्र नेता कार्तिकेय भारद्वाज के नेतृत्व में हजारों जेन-जी युवाओं ने मंगलवार को शहर में मशाल जुलूस निकालकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

यह मशाल जुलूस एसएमएस स्टेडियम के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर रामबाग होते हुए अमर जवान ज्योति तक निकाला गया। जुलूस के दौरान युवा हाथों में मशालें लिए “सेव अरावली, सेव लाइफ”, “अरावली नहीं तो जीवन नहीं” जैसे नारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। इसमें बड़ी संख्या में युवा लड़के-लड़कियों ने भाग लिया।


इस अवसर पर छात्र नेता कार्तिकेय भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान समय में उत्तरी भारत के राज्यों में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। यदि अरावली पर्वतमाला को थोड़ा सा भी नुकसान पहुंचाया गया तो पूर्वी राजस्थान और हरियाणा से लेकर दिल्ली तक रेगिस्तान के विस्तार को खुला निमंत्रण होगा।



उन्होंने कहा, “दिल्ली से लेकर माउंट आबू तक अरावली की वजह से ही ‘हरियालो राजस्थान’ का सपना संभव हो पा रहा है। अगर अरावली को नुकसान पहुंचाया गया तो आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ हवा में सांस लेने को तरस जाएंगी।”

कार्तिकेय भारद्वाज ने जयपुर के ढोल का बाग का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार द्वारा इसे निजी हितों को सौंपे जाने के कारण जयपुर में भी वायु गुणवत्ता में गिरावट आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज युवा अपने हक और पर्यावरण के लिए नहीं बोले, तो भविष्य में बढ़ते प्रदूषण के कारण हृदय, श्वसन सहित कई गंभीर बीमारियां आम हो जाएंगी, और हम आने वाली पीढ़ी को जवाब देने की स्थिति में नहीं रहेंगे।

मशाल जुलूस में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रौनक खत्री, युवा नेता रुद्र मेहरौली, जयेश शर्मा, रिंकू चेची, सचिन मीना, खुश सोनी, दर्शील भट्ट, चाहत मसीह, मानवी, भूमि सहित अनेक युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

युवाओं की इस एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि अरावली को बचाने की लड़ाई में जेन-जी अब पीछे नहीं हटने वाली है।

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