जयपुर, 17 जनवरी।
प्रसिद्ध दिगम्बर जैन संत, साधना महोदधि अन्तर्मना आचार्य 108 प्रसन्न सागर महाराज ससंघ शुक्रवार को जनता कॉलोनी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री ने कहा कि “जो एक को जानता है, वह सबको जान लेता है और जो सबको जानता है, वह एक से वंचित रह जाता है। धर्म का पैसा कभी व्यापार नहीं बनना चाहिए और न ही उसका दुरुपयोग होना चाहिए।”
आचार्य श्री ने कहा कि केवल बाहरी क्रियाओं से नहीं, बल्कि चारित्र शुद्धि से ही मोक्ष संभव है। बिना चारित्र के समुद्र में डुबकी लगाने से भी मुक्ति नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मूर्ति दान वही करें जो नियमित रूप से मंदिर दर्शन, अभिषेक और पूजा करते हों, क्योंकि मूर्ति दान के बाद उसका संरक्षण न करना भी पाप है।
त्याग का अर्थ प्रवृत्तियों से बचना है, त्याग रोगी बनकर नहीं बल्कि योगी बनकर करना चाहिए। धर्म के धन का भोग नहीं, सदुपयोग होना चाहिए।
आचार्य श्री ने आगामी 25 जनवरी से 1 फरवरी तक मानसरोवर के शिप्रा पथ, वीटी रोड स्थित राजस्थान आवासन मंडल के ग्राउंड में आयोजित होने वाले श्री 1008 चारित्र शुद्धि महामण्डल विधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “अपने जीवन के पापों को धोने का श्रेष्ठ उपाय चारित्र शुद्धि महामण्डल विधान है, इसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को भाग लेना चाहिए।”
यह विधान 13 वर्षों बाद जयपुर में आयोजित हो रहा है।
इस अवसर पर उपाध्याय पियूष सागर महाराज ने कहा कि जीवन की खोट और चारित्र दोषों से बचने के लिए चारित्र शुद्धि महामण्डल विधान आवश्यक है। मार्ग का समाप्त होना और मंजिल का प्राप्त होना ही मोक्ष है। पापों से प्रायश्चित के लिए प्रतिक्रमण आवश्यक है।
धर्मसभा से पूर्व मंगलाचरण के पश्चात अनिल-सुनील गंगवाल परिवार द्वारा पाद प्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट की गई। आचार्य प्रसन्न सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति के अध्यक्ष सुभाषचंद जैन एवं महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा के नेतृत्व में समिति पदाधिकारियों ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्मसभा का समापन जिनवाणी स्तुति के साथ हुआ। मंच संचालन कमल बाबू जैन ने किया।
इससे पूर्व प्रातः आचार्य श्री ससंघ का दिल्ली रोड स्थित बासबदनपुरा की तीनों नसिया स्थित विद्यासागर आरोग्य भवन से विहार हुआ। सेठी कॉलोनी दिगम्बर जैन मंदिर के दर्शन करते हुए बैंड-बाजों के साथ जुलूस के रूप में आचार्य श्री जनता कॉलोनी दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह मंगल आरती की गई। मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं युवा महिला फेडरेशन ने भावभीनी अगवानी की।
दोपहर में गुरु पूजा व प्रतिक्रमण तथा सायंकाल गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का आयोजन हुआ।
18 जनवरी को भव्य मंगल प्रवेश
समिति अध्यक्ष सुभाषचंद जैन व महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि रविवार 18 जनवरी को प्रातः 7:30 बजे अग्रवाल कॉलेज से भव्य मंगल प्रवेश जुलूस प्रारंभ होगा। जुलूस जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार व चौड़ा रास्ता होते हुए रामनिवास बाग स्थित यूनियन फुटबॉल क्लब ग्राउंड पहुंचेगा, जहां विशाल धर्मसभा का आयोजन होगा।
धर्मसभा में आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के मंगल प्रवचन होंगे।
पहली बार 1251 महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर आचार्य श्री ससंघ की अगवानी करेंगी। मार्ग में 108 स्वागत द्वार बनाए गए हैं। धर्मसभा में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक एवं विधायक कालीचरण सराफ गौरवमयी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कोषाध्यक्ष कैलाशचंद छाबड़ा ने बताया कि धर्मसभा के बाद आचार्य श्री ससंघ रामनिवास बाग से मंगल विहार कर गांधीनगर पहुंचेंगे, जहां आहारचर्या के पश्चात आशीर्वाद सभा, गुरु भक्ति, आनंद यात्रा एवं रात्रि विश्राम होगा।
विनोद जैन कोटखावदा के अनुसार सोमवार को प्रातः 7:15 बजे गांधीनगर से जनकपुरी इमली वाला फाटक स्थित दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार होगा।
आचार्य श्री ससंघ के सानिध्य में 25 जनवरी से 1 फरवरी तक आठ दिवसीय भगवत जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ अनुष्ठान एवं विवाह अणुव्रत संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 5104 श्रद्धालु भाग लेंगे।
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