जयपुर।
राजस्थान सरकार द्वारा पारित विधि विरुद्ध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम, 2025 के संविधान विरोधी प्रावधानों के खिलाफ आज जयपुर में एक विशाल, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक जन-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, मानवाधिकार और नागरिक संगठनों के संयुक्त सामाजिक मंच के आह्वान पर किया जा रहा है।
इस आंदोलन की घोषणा रविवार को जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून संविधान के मूल ढांचे के विरुद्ध है और धार्मिक स्वतंत्रता, समानता का अधिकार, निजता का अधिकार तथा नागरिक स्वतंत्रताओं पर सीधा प्रहार करता है।
संयुक्त मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अधिनियम में प्रयुक्त अस्पष्ट शब्दावली, कठोर दंड प्रावधान, प्रशासन को दिए गए अत्यधिक अधिकार और न्यायिक निगरानी के अभाव के कारण इसके दुरुपयोग की गंभीर आशंका है। उन्होंने कहा कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21, 25, 26, 27, 28 एवं 300-ए का उल्लंघन करता है और नागरिकों की अंतरात्मा, विश्वास एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
आंदोलन के संयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह जन-आंदोलन किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अहिंसक और संवैधानिक दायरे में रहेगा।
आयोजकों के अनुसार, आज 5 जनवरी को रैली शहीद स्मारक से प्रारंभ होकर एमआई रोड, जीपीओ चौराहा, जालूपुरा, संसार चंद्र रोड होते हुए पुनः शहीद स्मारक पर समाप्त होगी। रैली के समापन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदिवासी विकास परिषद एवं जनमोर्चा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल (सीबीडीटी) के.सी. घुमरिया, जनमोर्चा राजस्थान के महासचिव हाफिज़ मंज़ूर अली खान, राजस्थान मदरसा बोर्ड के चेयरमैन एम.डी. चौपदार, किशनपोल विधायक अमीन कागजी, यूथ बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं धर्म स्वतंत्रता संविधान रक्षा संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. नरेन्द्र बौद्ध, क्रिश्चियन मरु भूमि समिति के अध्यक्ष बलवंत सिंह, दलित मुस्लिम एकता मंच के अध्यक्ष अब्दुल लतीफ आरको तथा आंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं संयोजक डॉ. दशरथ कुमार हिनूनिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
संयुक्त सामाजिक मंच ने प्रदेश के सभी लोकतंत्र-प्रेमी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे इस शांतिपूर्ण जन-आंदोलन में शामिल होकर संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी सहभागिता निभाएं।