JLF,म्यूज़िक स्टेज 2026 के दूसरे दिन देश के स्वतंत्र संगीत जगत की कुछ सबसे प्रभावशाली आवाज़ों ने मंच पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में रॉक, फोक और इंडी संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शाम के मुख्य आकर्षण रहे मशहूर रॉक बैंड पार्वाज़, जिन्होंने अपने प्रोग्रेसिव और साइकेडेलिक रॉक के साथ फोक और वर्ल्ड म्यूज़िक के तत्वों को खूबसूरती से पेश किया। उनका हालिया स्टूडियो एल्बम ‘ना गुल ना गुलिस्तां’, जो दिसंबर 2025 में रिलीज़ हुआ था, पहले ही वैश्विक इंडी चार्ट्स में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है। इस एल्बम ने पार्वाज़ को समकालीन भारतीय संगीत के सबसे प्रभावशाली बैंड्स में एक बार फिर स्थापित किया है।
कार्यक्रम में रमन नेगी की प्रस्तुति ने भी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। लगभग दो दशकों तक भारतीय इंडी म्यूज़िक सीन को आकार देने के बाद, नेगी ने अपने सोलो करियर के ज़रिए एक नई कलात्मक पहचान बनाई है। उनकी एल्बम ‘शख्सियत’ (2022) और ‘चलते पुर्ज़े’ (2024) अपनी संवेदनशील गीतात्मकता और शैलीगत विविधता के कारण देशभर में सराही जा रही हैं। रमन नेगी इससे पहले लोकप्रिय इंडी बैंड द लोकल ट्रेन के फ्रंटमैन रह चुके हैं।
इसके अलावा जयपुर का स्थानीय फोक-फ्यूज़न बैंड युग्म भी मंच पर नजर आया। सामाजिक विषयों पर आधारित उनकी कहानीनुमा प्रस्तुतियाँ, सशक्त धुनें और आधुनिक संगीत संयोजन ने उन्हें स्वतंत्र संगीत आंदोलन में एक अलग पहचान दिलाई है।