ब्लूवन इंक द्वारा प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026 के दूसरे दिन प्रकाशन, पुस्तक विक्रय और नए पाठक समुदायों के भविष्य पर मंथन



दक्षिण एशिया के प्रमुख प्रकाशन सम्मेलन ब्लूवन इंक द्वारा प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026 के दूसरे दिन, प्रकाशन उद्योग, पुस्तकों के वितरण और बदलती पाठक प्रवृत्तियों पर केंद्रित विचारोत्तेजक चर्चाओं का आयोजन किया गया। होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में 19वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के समानांतर आयोजित यह सम्मेलन वैश्विक प्रकाशन जगत के लिए संवाद और सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बना रहा।


दिन की शुरुआत फ्यूचरस्केप: पब्लिशिंग इंडस्ट्री में उभरते रुझान सत्र से हुई, जिसमें प्रकाशन उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका, तकनीकी बदलावों के बीच प्रकाशन की अर्थव्यवस्था, ई-बुक्स, ऑडियोबुक्स और डिजिटल नवाचारों पर चर्चा की गई। सत्र में अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और भारतीय प्रकाशन परिदृश्य के उदाहरणों के माध्यम से भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला गया।



इसके बाद साहित्य उपभोग के नए माध्यमों—पॉडकास्ट और ऑडियोबुक्स—पर केंद्रित सत्र आयोजित हुए। हिंदी साहित्यिक पॉडकास्ट: साहित्य के नए खोजदीप में हिंदी भाषा में पॉडकास्ट की बढ़ती लोकप्रियता, डिजिटल माध्यमों से उसका संबंध और युवा रचनाकारों की भागीदारी पर चर्चा हुई। वहीं लिसन इन: द इवॉल्विंग स्टोरी ऑफ द ऑडियोबुक सत्र में भारत में ऑडियोबुक्स के तेजी से बढ़ते परिदृश्य, भाषाई विविधता, श्रवण आदतों और एआई के उपयोग जैसे विषयों पर विमर्श किया गया।



इमर्जिंग मार्केट्स फॉर इंडियन पब्लिशिंग सत्र में भारतीय पुस्तकों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचने की संभावनाओं, अनुवाद की भूमिका और भाषाई चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस दौरान अनुवाद को केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सृजनात्मक और सांस्कृतिक कार्य के रूप में रेखांकित किया गया।


दिन के प्रमुख आकर्षणों में वीणा राव की पुस्तक जयपुर कॉलिंग: ए पीक इनटू द पिंक सिटी का फर्स्ट एडिशन लॉन्च शामिल रहा। उन्होंने बच्चों के लिए तैयार की गई इस चित्रात्मक और संवादात्मक पुस्तक के माध्यम से जयपुर की सांस्कृतिक विरासत को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करने की अपनी यात्रा साझा की।


द सेंट ऑफ बुक्स: स्टोरीज़ अबाउट बुकस्टोर्स सत्र में प्रतिष्ठित पुस्तक विक्रेताओं ने भौतिक पुस्तकालयों और बुकस्टोर्स के सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग के बावजूद पुस्तकालय आज भी पाठकों के लिए जीवंत सांस्कृतिक स्थल बने हुए हैं।



दिन का एक प्रमुख सत्र रहा अमेज़न द्वारा प्रस्तुत चिल्ड्रन्स पब्लिशिंग राउंडटेबल: न्यू रीडर्स को पोषित करना, जिसमें बच्चों के लिए प्रकाशन की बदलती ज़रूरतों, पाठकों की सहभागिता और कल्पनाशीलता को प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई। सत्र में बच्चों की पुस्तकों की पहुँच बढ़ाने और नए पाठक वर्ग से मजबूत जुड़ाव बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।


जयपुर बुकमार्क 2026 का तीसरा दिन भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन जगत के बीच संवाद, बड़े प्रकाशकों के भविष्य और नॉर्वे के बाल साहित्य जैसे विषयों पर केंद्रित सत्रों के साथ आगे बढ़ेगा। यह सम्मेलन प्रकाशन उद्योग की वर्तमान वास्तविकताओं और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श का एक सशक्त मंच बना l

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