जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ कविता सत्र एवं पुस्तक विमोचन



जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के अंतर्गत एएएफ बगान मंच पर आयोजित एक विचारोत्तेजक साहित्यिक सत्र ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ ने दर्शकों को समकालीन कविता की भावनात्मक और दार्शनिक गहराइयों से रूबरू कराया। इस सत्र में कवि एवं पीआर पेशेवर जगदीप सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका स्वाति वशिष्ठा से संवाद किया। इसी अवसर पर जगदीप सिंह के नए कविता संग्रह ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ का औपचारिक विमोचन भी किया गया।


पुस्तक का विमोचन लेखक एवं सांस्कृतिक विचारक संदीप भूटोरिया, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की सह-निर्देशक नमिता गोखले, तथा टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय द्वारा किया गया।


संवाद के दौरान जगदीप सिंह ने अपनी कविताओं के दार्शनिक और भावनात्मक अंतर्सूत्रों पर विस्तार से बात की। उन्होंने विश्वास, संदेह, पहचान और तेजी से बदलती दुनिया में मानवीय अस्तित्व जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मक दृष्टि साझा की। उन्होंने बताया कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ जीवन के अनुभवों और आत्ममंथन से उपजा है, जहाँ कविता मौन, आस्था और व्यक्तिगत सत्य से संवाद का माध्यम बनती है।


स्वाति वशिष्ठा ने चर्चा को समकालीन समय में कविता की प्रासंगिकता की ओर मोड़ते हुए यह विचार रखा कि आधुनिक कविता अक्सर ईश्वर से अधिक व्यक्ति और समाज के भीतर के द्वंद्वों पर केंद्रित होती है। संवाद में इस बात पर भी विचार किया गया कि किस प्रकार जगदीप सिंह की कविताएँ अनिश्चितता, मूल्यों के क्षरण और पारंपरिक ढाँचों से परे अर्थ की तलाश में लगे पाठकों से गहराई से जुड़ती हैं।


इस अवसर पर जगदीप सिंह ने कहा कि उनके लिए कविता उत्तर देने का माध्यम नहीं, बल्कि ईमानदार प्रश्न पूछने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ उन क्षणों को स्वर देने का प्रयास है, जहाँ मानवीय संवेदनशीलता, स्मृतियाँ और करुणा किसी भी विचारधारा या विश्वास प्रणाली से ऊपर आ जाती हैं।


सत्र को और भी भावप्रवण बनाते हुए जगदीप सिंह ने अपनी पुस्तक से तीन से चार कविताओं का पाठ भी किया, जिससे श्रोताओं को उनकी रचनाओं की भावनात्मक गहराई से सीधा और आत्मीय जुड़ाव महसूस 

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