जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में एक मासूम बच्ची की गिरने से हुई दुखद मृत्यु के बाद उत्पन्न हालात को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट), राजस्थान ने कड़ा लेकिन संतुलित रुख अपनाया है। प्रदेश मुख्य सचिव इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने कहा कि शिवसेना इस अपार दुख की घड़ी में बच्ची के परिजनों के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने स्पष्ट किया कि एक अत्यंत दुखद और गंभीर घटना के आधार पर पूरे विद्यालय की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मान्यता रद्द कर देना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि इससे सैकड़ों निर्दोष बच्चों का भविष्य, मानसिक संतुलन और शैक्षणिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मान्यता रद्द होने के निर्णय से विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों में भय और तनाव का माहौल बन गया है, अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं तथा बच्चों की पढ़ाई, परीक्षाएं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न हो गई है।
शिवसेना (शिंदे गुट) का मानना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाना आवश्यक है, लेकिन निर्दोष बच्चों को सामूहिक सजा देना न तो न्यायसंगत है और न ही मानवीय। पार्टी ने मांग की है कि बच्ची की मृत्यु की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, विद्यालय की सीबीएसई मान्यता रद्द करने के निर्णय को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए तथा बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने चेतावनी दी कि यदि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय जारी रहा और उनकी शिक्षा से खिलवाड़ किया गया तो शिवसेना (शिंदे गुट) लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर राजनीति या जल्दबाजी में लिए गए फैसले स्वीकार्य नहीं हैं और बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है।

