भाजपा की संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना: मदन राठौड़

 



जयपुर, 03 जनवरी 2026।

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला का आयोजन कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, जयपुर में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बी.एल. संतोष, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन सत्र को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ ने संबोधित किया। वहीं कार्यशाला को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बी.एल. संतोष ने भी मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री श्री शिव प्रकाश, भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अरूण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया एवं श्री अशोक परनामी, प्रदेश महामंत्री श्री भूपेंद्र सैनी, केंद्रीय मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला के पश्चात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक सत्रों में विभिन्न विषयों पर गंभीर चिंतन हुआ, जिसमें विशेष रूप से कुटुंब प्रबंधन पर बल दिया गया। आदर्श परिवार ही आदर्श समाज की नींव होता है। 

श्री राठौड़ ने कहा कि भाजपा की राजनीति सेवा-भाव पर आधारित है। हम सब राजनीति में सेवक के रूप में आए हैं और जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने संगठन में संयम, संतुलन और आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचना चाहिए तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं को समाज में भी संयम, संवेदना और संवाद की भावना को प्रोत्साहित करना चाहिए। कहीं भी कटुता उत्पन्न हो, तो संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकात्मता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी राजनीति आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए।

श्री राठौड़ ने गांधीवादी दृष्टिकोण, सर्वधर्म समभाव और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत, इतिहास और पूर्वजों पर गर्व होना चाहिए तथा गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह त्यागना होगा। देश स्वतंत्र है और स्वतंत्र सोच के साथ आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों में कर्तव्यबोध जागृत करना तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कार्य करना हम सभी का दायित्व है। कार्यकर्ता पार्टी की आत्मा हैं और संगठन कार्यकर्ताओं से ही बनता है, इसलिए उनका सम्मान सर्वोपरि है। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह कार्यशाला कार्यकर्ताओं को जनसेवा, संगठनात्मक अनुशासन और जीवन मूल्यों की दिशा में सशक्त करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं के धैर्य, समर्पण और सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

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